भावपूर्ण रचना.छोटी-छोटी पंक्तियों में गहरे -गहरे भाव.वाह ! क्या बात है. आज को जी भर जीयें हम प्रेम का प्याला पीयें हम कल कभी भी आ न पाये,काश ऐसा भी जहां हो.......
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"जानेमन नाराज़ ना हो" beautifully written.
ReplyDeleteवाह क्या बात है.
ReplyDeleteज़िंदगी एक नीड़ सी है
ReplyDeleteहर तरफ एक भीड़ सी है
कल ये तिनके उड़ गए तो फिर न जाने हम कहाँ हों
बहुत बढ़िया। पूर्णिमा जी और आपको शुभकामनाएं।
वाह, शब्दों का क्या प्रयोग है .. मज़ा आ गया पढके ...
ReplyDeleteसुन्दर!
ReplyDeleteपूर्णिमा वर्मन जी की बहुत सुन्दर एवं मर्मस्पर्शी रचना !
ReplyDeleteआपको और पूर्णिमा वर्मन जी को हार्दिक शुभकामनायें !
ज़िंदगी एक नीड़ सी है
ReplyDeleteहर तरफ एक भीड़ सी है
loved these lines !!
भावपूर्ण रचना.छोटी-छोटी पंक्तियों में गहरे -गहरे भाव.वाह ! क्या बात है.
ReplyDeleteआज को जी भर जीयें हम
प्रेम का प्याला पीयें हम
कल कभी भी आ न पाये,काश ऐसा भी जहां हो.......
ज़िंदगी एक नीड़ सी है
ReplyDeleteहर तरफ एक भीड़ सी है
कल ये तिनके उड़ गए तो फिर न जाने हम कहाँ हों...waah
बेहद प्रभावशाली रचना बधाई
ReplyDeleteबहुत सुन्दर
ReplyDeleteआभार
तृप्ती
'पोर पर अनमोल यह पल क्या पता फिर साथ ना हो'
ReplyDeleteबहुत सुंदर भाव संजोए कविता.
जानेमन नाराज़ ना हो ...
ReplyDeleteKya bat hai .. mazaa aa gaya is rachna ko padh kar ...
प्रेम पूर्ण भावों की सुन्दर रचना ...
ReplyDeleteवर्तमान की सुन्दर घड़ियों को पूरी शिद्दत के साथ जी लें , कल किसने देखा है ?
आभार पूर्णिमा जी की रचना पढ़वाने का.
ReplyDeleteबहुत ही सुन्दर।
ReplyDeleteबहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति
ReplyDeletepurnima jee ki rachna ka jbab nahi:)
ReplyDeleteवाह ... बहुत खूब ।
ReplyDeleteअच्छा संग्रह है...
ReplyDelete--अच्छी कविता पूर्णिमा जी की....
'जाने कल आये ना आये..
ज़िंदगी एक नीड़ सी है
ReplyDeleteहर तरफ एक भीड़ सी है...
बहुत ख़ूबसूरत पंक्तियाँ! उम्दा रचना !
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ReplyDeleteVery nice....
ReplyDeleteabhar poornima ji ki sunder kavita padhvane ke liye.
ReplyDeleteबेहतरीन रचना ....पढवाने का धन्यवाद
ReplyDeleteगागर में सागर सी है पूर्णिमा जी की यह रचना।
ReplyDelete---------
बाबूजी, न लो इतने मज़े...
चलते-चलते बात कहे वह खरी-खरी।
पूर्णिमा जी की सुन्दर रचना पढ़ कर मन खुश हो गया....
ReplyDeleteBeautiful !
ReplyDeleteगहरी दृष्टी ! प्यार से सजा कर तिनके को रखना भी जरुरी है !
ReplyDeletewaah bahut sundar
ReplyDeleteबहुत बहुत आभार हौसला बढ़ाने का,
ReplyDeleteविवेक जैन
Sundar rachana...
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