दीपावलि की सघन अमा में
घर आँगन और दिशा दिशा में
अंतस की हर गहन गुफ़ा से
खुशियों के स्वर फूटें
मंगलमय फुलझरियाँ छूटें
सजें मुँडेरें दीपदान से
हर आँगन हल्दी औ धान से
लक्ष्मी चरण चिह्न दरवाज़े
सभी अपशकुन टूटें
मंगलमय फुलझरियाँ छूटें
नव संवत नव लोक नई ऋतु
सखा बंधु परिवार मात-पितु
सुख समृद्धि सुशोभित जन-गण
पुण्य अनगिनत लूटें
मंगलमय फुलझरियाँ छूटें
-पूर्णिमा वर्मन
दीपावली पर्व पर आपको और आपके परिवारजनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं
ReplyDeleteदीपावली पर्व पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं
ReplyDeleteदीवाली मंगलमय हो।
ReplyDeleteदीपोत्सव की शुभकामनाओं के साथ्ा बधाई ।
ReplyDeleteसुन्दर रचना!
ReplyDeleteदीपपर्व की शुभकामनाएं!
दीपावली की शुभकामनाएँ
ReplyDeleteसुन्दर शब्द,अनुपम भाव.
ReplyDeleteआपकी प्रस्तुति लाजबाब है विवेक जी.
दीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ.
समय मिलने पर मेरे ब्लॉग पर भी आईयेगा.
दीपोत्सव की शुभकामनायें
ReplyDeleteदीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ.
ReplyDeleteदीपावली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ.
ReplyDeleteदीपावली के अवसर पर ज्योतिर्मय रचना...शुभ दीपावली...
ReplyDeleteमंगलमय फुलझरियां छूटे ..
ReplyDelete.. आपको दीपोत्सव की शुभकामनाएं !!
बहुत सुन्दर ! दीपावली के शुभ बेला पर --दीपावली की शुभ कामनाएं !
ReplyDelete