ज़िंदगी की कहानी रही अनकही !
दिन गुज़रते रहे, साँस चलती रही !
अर्थ क्या ? शब्द ही अनमने रह गए,
कोष से जो खिंचे तो तने रह गए,
वेदना अश्रु-पानी बनी, बह गई,
धूप ढलती रही, छाँह छलती रही !
बाँसुरी जब बजी कल्पना-कुंज में
चाँदनी थरथराई तिमिर पुंज में
पूछिए मत कि तब प्राण का क्या हुआ,
आग बुझती रही, आग जलती रही !
जो जला सो जला, ख़ाक खोदे बला,
मन न कुंदन बना, तन तपा, तन गला,
कब झुका आसमाँ, कब रुका कारवाँ,
द्वंद्व चलता रहा पीर पलती रही !
बात ईमान की या कहो मान की
चाहता गान में मैं झलक प्राण की,
साज़ सजता नहीं, बीन बजती नहीं,
उँगलियाँ तार पर यों मचलती रहीं !
और तो और वह भी न अपना बना,
आँख मूंदे रहा, वह न सपना बना !
चाँद मदहोश प्याला लिए व्योम का,
रात ढलती रही, रात ढलती रही !
यह नहीं जानता मैं किनारा नहीं,
यह नहीं, थम गई वारिधारा कहीं !
जुस्तजू में किसी मौज की, सिंधु के-
थाहने की घड़ी किन्तु टलती रही !
-जानकीवल्लभ शास्त्री
यह नहीं जानता मैं किनारा नहीं,
ReplyDeleteयह नहीं, थम गई वारिधारा कहीं !
जुस्तजू में किसी मौज की, सिंधु के-
थाहने की घड़ी किन्तु टलती रही !....बहुत सुन्दर..धन्यवाद...
बहुत बढि़या ...।
ReplyDeleteबात ईमान की या कहो मान की
ReplyDeleteचाहता गान में मैं झलक प्राण की,
साज़ सजता नहीं, बीन बजती नहीं,
उँगलियाँ तार पर यों मचलती रहीं !
sundar prastuti
बहुत सुन्दर.
ReplyDeleteसुन्दर भावाभिव्यक्ति ||
ReplyDeleteबधाई ||
बहुत सुन्दर !
ReplyDeleteऔर तो और वह भी न अपना बना,
ReplyDeleteआँख मूंदे रहा, वह न सपना बना !
चाँद मदहोश प्याला लिए व्योम का,
रात ढलती रही, रात ढलती रही !
bahut sundar post hai....
सुन्दर गीत से मुलाक़ात कराने हेतु आभार...
ReplyDeleteसादर...
जो जला सो जला, ख़ाक खोदे बला,
ReplyDeleteमन न कुंदन बना, तन तपा, तन गला,
कब झुका आसमाँ, कब रुका कारवाँ,
द्वंद्व चलता रहा पीर पलती रही !...
बहुत सुन्दर गीत पढवाने के लिये आभार..
Excellent piece
ReplyDeleteकब झुका आसमाँ, कब रुका कारवाँ,
ReplyDeleteद्वंद्व चलता रहा पीर पलती रही
beautiful poem
सुन्दर भावाभिव्यक्ति
ReplyDeletenice one
ReplyDeleteबात ईमान की या कहो मान की
ReplyDeleteचाहता गान में मैं झलक प्राण की,
साज़ सजता नहीं, बीन बजती नहीं,
उँगलियाँ तार पर यों मचलती रहीं !
सुन्दर भावों की संगीतमयी प्रस्तुति.
हर शब्द गुंजायमान हो रहा है.
अनुपम प्रस्तुति के लिए आभार.
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है.
अच्छी प्रस्तुति |सुन्दर शब्द चयन |
ReplyDeleteबधाई |
आशा
अनुपम रचना।
ReplyDeleteबहुत बहुत आभार,
ReplyDeleteविवेक जैन vivj2000.blogspot.com