मेरे सपने

This blog is dedicated to hindi poetry of old as well as new poets. गीत जब मर जायेंगे तो क्या यहाँ रह जायेगा, एक सिसकता आँसुओं का कारवाँ रह जायेगा....

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Tuesday, July 26, 2011

कहानी कहते कहते

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मुझे कहानी कहते कहते - माँ तुम क्यों सो गईं? जिसकी कथा कही क्या उसके सपने में खो गईं? मैं भरता ही रहा हुंकारा, पर तुम मूक हो गईं सहसा जाग उठ...
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Sunday, June 12, 2011

बेसन की सोंधी रोटी

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बेसन की सोंधी रोटी पर खट्टी चटनी जैसी माँ याद आती है चौका बासन चिमटा फुँकनी जैसी माँ बान की खूर्रीं खाट के ऊपर हर आहट पर कान धरे आधी सोई आधी...
32 comments:
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Vivek Jain
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